दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे विशेष अभियान 6.0 की तैयारियां तेज कर दी हैं। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश स्थित इसके परिचालन क्षेत्रों में समन्वित गतिविधियों की योजना बनाई गई है। अभियान में स्वच्छता, कबाड़ का व्यवस्थित निपटान, ई-कचरा प्रबंधन, पर्यावरणीय स्थिरता और बेहतर कार्यस्थल प्रथाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी को सुनिश्चित करने के लिए SECL ने अपने परिचालन क्षेत्रों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। ये अधिकारी अभियान की गतिविधियों का समन्वय करेंगे, प्रगति की निगरानी करेंगे और नियोजित पहलों के समयबद्ध क्रियान्वयन में सहायता करेंगे।
ई-कचरा प्रबंधन अभियान का एक प्रमुख केंद्रबिंदु होगा। SECL ई-कचरे की पहचान, पृथक्करण और व्यवस्थित निपटान के लिए लक्षित उपाय तैयार कर रहा है। इसके साथ ही, अपने कार्यालयों और परिचालन प्रतिष्ठानों में जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए भी पहल की जाएगी।
ये तैयारियां कोयला मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही हैं। कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव संजीव कुमार कासी ने हाल ही में SECL की कुसमुंडा खदान, कोरबा के क्षेत्रीय दौरे के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष अभियान 6.0 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावी क्रियान्वयन, मापनीय परिणामों और अभियान में अधिकाधिक भागीदारी पर जोर दिया।
SECL स्वच्छता अभियान, कबाड़ की पहचान और निपटान, ई-कचरा प्रबंधन, पौधरोपण गतिविधियों तथा स्वच्छ, अधिक टिकाऊ और कुशल कार्यस्थल बनाने के उद्देश्य से अन्य पहलों को शामिल करते हुए दिन-वार कार्ययोजना भी तैयार कर रहा है।
पिछले वर्ष विशेष अभियान 5.0 के दौरान, कबाड़ निपटान और साफ किए गए क्षेत्रफल के मामले में SECL सभी कोयला सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में प्रथम स्थान पर रहा।
विशेष अभियान 6.0 के माध्यम से SECL का लक्ष्य स्वच्छता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी, टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन और परिचालन दक्षता के प्रति अपने प्रयासों को और मजबूत करना है। इसमें कर्मचारियों और अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।







