अवसर जब मेहनत और संकल्प से जुड़ता है, तो बदलाव की नई राह बनती है। ग्राम पिपरिया, तहसील कोतमा निवासी श्री अनिल कुमार प्रजापति ने शासकीय योजना का लाभ लेकर इसी बदलाव को अपने जीवन में साकार किया है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के सहयोग से स्थापित उनकी आटा मिल आज स्वावलंबन, आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का सफल माध्यम बन गई है।

वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग से योजना की जानकारी मिलने के बाद श्री प्रजापति ने विभागीय मार्गदर्शन में स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने ‘अनिल फूड मार्केटिंग’ के नाम से आटा मिल की स्थापना की। योजना के अंतर्गत प्राप्त 10 लाख रुपये के अनुदान ने उनके उद्यम को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आटा मिल के संचालन से श्री प्रजापति को प्रतिमाह लगभग 1.50 लाख रुपये का कारोबार प्राप्त हो रहा है। व्यावसायिक एवं संचालन व्यय के बाद उन्हें लगभग 40 से 50 हजार रुपये प्रतिमाह शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। इस नियमित आय ने उनके परिवार को आर्थिक स्थिरता प्रदान की है और जीवन में आत्मविश्वास एवं खुशहाली बढ़ाई है।

श्री प्रजापति की उपलब्धि की विशेषता यह भी है कि उनके उद्यम की सफलता का लाभ केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। उनकी आटा मिल से लगभग 5 अन्य लोगों को रोजगार मिल रहा है। इस प्रकार उनका स्वयं का व्यवसाय आज दूसरों के लिए भी आजीविका का आधार बन रहा है। श्री प्रजापति बताते हैं कि शासकीय योजना और विभागीय मार्गदर्शन ने उन्हें अपने हुनर और मेहनत को व्यवसाय में बदलने का अवसर दिया। आज वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ आत्मविश्वासपूर्वक आगे बढ़ रहे हैं।

हितग्राही श्री अनिल कुमार प्रजापति की यह कहानी बताती है कि शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ लेकर व्यक्ति अपने लिए आर्थिक अवसर तैयार करने के साथ समाज में रोजगार के नए द्वार भी खोल सकता है। उनका उद्यम आत्मनिर्भरता से समृद्धि और स्वरोजगार से रोजगार सृजन की प्रेरक मिसाल बनकर उभरा है।