कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, हरदा श्री विवेक शर्मा के मार्गदर्शन में आंगन मिलन सेवा अभियान के अंतर्गत विधानसभा टिमरनी परियोजना टिमरनी एवं खिरकिया के अंतर्गत 324 आंगनबाड़ी केन्द्रों में तृतीय दिवस के लिए निर्धारित गतिविधियों का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। गतिविधि का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों को विभागीय योजनाओं से जोड़ना, योजनाओं के लाभ से हुए सकारात्मक बदलावों को साझा करना तथा समुदाय में योजनाओं के प्रति विश्वास एवं जागरूकता बढ़ाना रहा। तृतीय दिवस की निर्धारित गतिविधि के अंतर्गत ‘मेरी कहानी-मेरी सफलता’ लाभार्थी संवाद आयोजित किया गया। इस दौरान विभागीय योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं एवं माताओं को अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया। लाभार्थी महिलाओं द्वारा बताया गया कि शासन की विभिन्न योजनाओं एवं आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से प्राप्त सेवाओं से उन्हें किस प्रकार लाभ मिला तथा उनके एवं उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। गतिविधि के दौरान लाभार्थी महिलाओं के अनुभवों को वीडियो के माध्यम से रिकॉर्ड किया गया, ताकि विभागीय योजनाओं के प्रभाव एवं सफलता की वास्तविक कहानियों को अन्य महिलाओं एवं समुदाय तक पहुंचाया जा सके। साथ ही उपस्थित माताओं एवं बच्चों को शासन द्वारा संचालित पोषण, स्वास्थ्य, महिला कल्याण एवं बाल विकास संबंधी योजनाओं की जानकारी सरल एवं सहज भाषा में प्रदान की गई। कार्यक्रम में माताओं के साथ संवाद करते हुए बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, आंगनबाड़ी केन्द्र से मिलने वाली सेवाओं तथा बच्चों की देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी भी साझा की गई। माताओं को आंगनबाड़ी केन्द्र से नियमित रूप से जुड़ने तथा उपलब्ध सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों में माताओं, बच्चों, लाभार्थियों एवं जनसमुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की गई। आंगनबाड़ी केन्द्रों को केवल सेवा प्रदाय केन्द्र के रूप में नहीं, बल्कि समुदाय के साथ संवाद एवं जागरुकता के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। आंगन मिलन सेवा अभियान के माध्यम से विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों पर उपलब्ध सेवाओं एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समुदाय तक पहुंचाने, लाभार्थियों के अनुभवों को साझा करने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरुकता बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।





