सतना के धान उत्पादक किसानों की उपज आगामी खरीफ विपणन सीजन में समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने किसानों को सिंचाई के लिए दिन में लगातार 10 घंटे बिजली देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्लीमनाबाद टनल का काम पूरा होने और नर्मदा का पानी सतना पहुंचने के बाद जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ेगा।
खास बातें
- आगामी खरीफ विपणन सीजन में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का निर्णय
- सिंचाई के लिए दिन में लगातार 10 घंटे बिजली देने की घोषणा
- नर्मदा जल आने के बाद सतना में सिंचाई का रकबा बढ़ने की उम्मीद
खेती के साथ पशुपालन से आय बढ़ाने की सलाह
मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और कुक्कुट पालन जैसी गतिविधियां अपनाने को कहा। उनके अनुसार, आय के अतिरिक्त साधन जोड़कर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
सोहावल के किसान शांति नारायण पाण्डेय ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत सवा करोड़ रुपये की लागत से मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट लगाई है। वह 400 गाय पाल रहे हैं और कामधेनु योजना में उनकी तीन इकाइयां स्वीकृत हुई हैं।
मझगवां विकासखंड के झरी गांव के अनिल उपाध्याय ने तीन एकड़ भूमि पर जैविक खेती और दुग्ध उत्पादन से करीब दो लाख रुपये की आय होने की जानकारी दी। चित्रकूट विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने बताया कि क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण के लिए किसानों को 300 एकड़ में हल्दी और 300 एकड़ में अदरक लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रगतिशील किसानों का सम्मान
महोत्सव में सतना जिले के विभिन्न गांवों के 10 प्रगतिशील किसानों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें अशोक कुमार द्विवेदी, कमला बाई जायसवाल, नागेन्द्र सिंह, रमन सिंह, गैवी प्रसाद दहायत, श्वेता मिश्रा, लालचन्द्र पाण्डेय, लालाराम बागरी, शिवकुमार सिंह और संजीव कुमार मिश्रा शामिल रहे।
कृषि उपज मंडी परिसर में कृषि योजनाओं और उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को समसामयिक कृषि सलाह के साथ उन्नत और जैविक खेती की जानकारी दी।

