सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “सेवा, पोषण और सम्मान” की भावना के साथ “आँगन मिलन सेवा” का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सहभागिता कर आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं से संवाद किया।
आँगन मिलन सेवा के अंतर्गत 26 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक जिले के समस्त आँगनवाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान “मेरी कहानी–मेरी सफलता” थीम पर महिला हितग्राहियों द्वारा योजनाओं से उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन साझा किए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण, पोषण जागरूकता, मातृ संवाद सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में फैंसी ड्रेस एवं पौष्टिक लड्डू प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया तथा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
भारत को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक — मंत्री सुश्री भूरिया
महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आँगन मिलन सेवा कार्यक्रम के माध्यम से समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक में अपने गांव, फलिये और मोहल्ले के विकास के प्रति जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांव के आँगनवाड़ी भवन एवं उप स्वास्थ्य केंद्र जैसी संस्थाएं समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। लोगों में इस दायित्व का बोध जागृत कर समाज को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना आवश्यक है। सेवा-संकल्प अभियान का उद्देश्य भी संकल्प के साथ सेवा की भावना को मजबूत करना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति आयोजनों से जुड़ने के साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी समझे।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आँगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और संस्कारों की महत्वपूर्ण इकाई हैं। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बच्चों को खेल-खेल में सिखाने के साथ कुपोषण दूर करने एवं विभागीय योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। आने वाली पीढ़ी स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित हो, इसके लिए आँगनवाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने मिनी आँगनवाड़ी केंद्रों को पूर्ण आँगनवाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने, पदोन्नति एवं नवीन नियुक्तियों के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली आँगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना की। साथ ही लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना एवं वन स्टॉप सेंटर सहित महिला हितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए इनके माध्यम से महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख किया।
आँगनवाड़ी केंद्रों को उत्सव की भावना के साथ बनाएं आकर्षक — कलेक्टर डॉ. भरसट
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रव्यापी गतिविधियों में “आँगन मिलन सेवा” महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसकी मूल भावना “सेवा, पोषण और सम्मान” है। बच्चे के जीवन की प्रारंभिक यात्रा आँगन से शुरू होती है, इसलिए आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता सहित मैदानी अमले के कार्यों का सम्मान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सेवा का कोई विकल्प नहीं है। शासकीय दायित्वों को केवल नौकरी के रूप में नहीं, बल्कि सेवा के भाव से किया जाना चाहिए। सेवा की यह भावना व्यक्ति के व्यक्तित्व, कार्यशैली और परिवार में भी दिखाई देती है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आँगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। केंद्रों को स्वच्छ, सुंदर एवं आकर्षक बनाया जाए, ताकि बच्चे सहज रूप से आँगनवाड़ी केंद्र आने के लिए प्रेरित हों। आँगन मिलन सेवा के दौरान पोषण संबंधी गतिविधियां आयोजित करने, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने तथा पौष्टिक व्यंजनों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को पोषण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के साथ “मातृ संवाद” आयोजित कर स्वास्थ्य, पोषण एवं बच्चों की उचित देखभाल के संबंध में जानकारी दी जाए। आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण समय-सीमा में पूर्ण कराने, कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर समय से नियुक्ति तथा केंद्रों को आदर्श आँगनवाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए।
कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि 5 अक्टूबर तक जिले के एक लाख बच्चों को विभिन्न गतिविधियों एवं सेवाओं से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं मैदानी अमले को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि “सेवा के रंग” कार्यक्रम के लिए चयनित जिलों में झाबुआ भी शामिल है। अतः सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करें, जो प्रदेश स्तर पर झाबुआ की विशिष्ट पहचान बनाए।
महिला सशक्तिकरण की योजनाओं के सकारात्मक परिणाम समाज में दिखाई दे रहे — पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान ने शासन की योजनाओं एवं हितग्राहियों के बीच जुड़ाव को और मजबूत किया है। विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं अब आगे आकर अपनी सफलता की कहानी साझा कर रही हैं। महिलाएं अपनी आवश्यकताओं, सशक्तिकरण एवं बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर जागरूक हुई हैं। लाड़ली लक्ष्मी एवं लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव समाज में दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आँगन मिलन सेवा के माध्यम से आँगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों एवं महिलाओं के लिए समन्वित गतिविधियों का प्रभाव मैदानी स्तर पर दिखाई दे रहा है और आने वाले समय में इन प्रयासों को और सशक्त किया जाएगा।
जनपद पंचायत राणापुर अध्यक्ष श्रीमती निर्मला भानु भूरिया ने कहा कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के लिए मां की भूमिका निभाते हुए उनके पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा के लिए निरंतर प्रयास करती हैं।
भारतीय स्त्री शक्ति संगठन की श्रीमती किरण शर्मा ने कहा कि आँगन मिलन सेवा उस स्थान तक पहुंचने का प्रयास है, जहां से बच्चे के जीवन और विकास की नींव रखी जाती है। आँगनवाड़ी केंद्र मां और बच्चे के पोषण के साथ ग्राम और शासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं।
पद्मश्री श्रीमती शांति रमेश परमार ने जनजातीय कला एवं आजीविका से संबंधित अपने कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि उनके द्वारा जनजातीय गुड़िया निर्माण के लिए अब तक लगभग 3 हजार 800 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा वर्तमान में 100 महिलाओं के प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।
“मेरी कहानी–मेरी सफलता” में महिलाओं ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में “मेरी कहानी–मेरी सफलता” के अंतर्गत विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। एंजेल हटीला ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, सुमित्रा खपेड़ खेरमाल ने लाड़ली बहना योजना, सारिका धाग एवं तुलसी भूरिया ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा सोनिया गुंडिया ने वन स्टॉप सेंटर से प्राप्त सहायता एवं उससे जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी।
महिला हितैषी योजनाओं एवं उनके लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में दी जानकारी
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की श्रीमती पुष्पा चौहान ने बताया कि आजीविका मिशन महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाकर मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहा है। स्व-सहायता समूहों को आरएफ, सीसीएल एवं मुद्रा ऋण के माध्यम से वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले में 43 हजार 844 लखपति दीदियां इस दिशा में महिला आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
आदिवासी वित्त एवं विकास निगम के श्री दिनेश श्रीवास ने टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना एवं भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना सहित स्वरोजगार आधारित योजनाओं की जानकारी दी।
291 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य शिविर एवं महिलाओं की जांच
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम एल चोपड़ा द्वारा बताया गया कि सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के 291 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। मिशन ममता के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन एवं आवश्यक जांच सुनिश्चित की जा रही है। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित मातृत्व एवं आवश्यकता के समय रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अभियान के अंतर्गत रक्तदान गतिविधियों के माध्यम से अब तक 364 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया है।
सिकल सेल मरीजों के लिए विशेष बेड आरक्षित करने एवं समुचित स्क्रीनिंग की व्यवस्था के साथ टीबी मरीजों को फूड बास्केट का वितरण भी किया जा रहा है। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को निर्धारित 1 हजार 400 रुपये की सहायता राशि प्रदान किए जाने की जानकारी भी दी गई।
जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मैदानी अमले को किया पुरस्कृत
जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यक्रम में विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यवेक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आशा कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर परियोजना पेटलावद की पर्यवेक्षक श्रीमती अंजुबाला राठौर एवं सुश्री मनीषा, परियोजना राणापुर की पर्यवेक्षक श्रीमती पुष्पा देवल एवं ढोल्यावड़ पुजारा फलिया की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सारिका भँवर, परियोजना मेघनगर की पर्यवेक्षक श्रीमती अर्चना सांगते एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती पूनम, परियोजना रामा की पर्यवेक्षक श्रीमती रेशमा डावर एवं अन्नपुरिया पीथनपुर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती पार्वती वास्केल, परियोजना झाबुआ की पर्यवेक्षक श्रीमती चेतना सिंगाड़ एवं वन फलिया कल्याणपुरा की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती पारू परमार तथा परियोजना थांदला की पर्यवेक्षक सुश्री रीना गणावा एवं वार्ड क्रमांक-1 की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती ललिता चौहान को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार परियोजना पेटलावद की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती हेमलता पाटीदार तथा परियोजना झाबुआ की आशा कार्यकर्ता श्रीमती अनीता डामोर एवं श्रीमती लूसिया परमार को भी विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण के लिए लगा विशेष शिविर, मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किया निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के स्वास्थ्य की देखभाल के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने शिविर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर निरंतर सेवाएं देने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम के माध्यम से आँगनवाड़ी केंद्रों को केवल सेवा प्रदायगी के केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण एवं सम्मान के केंद्र के रूप में विकसित करने का संदेश दिया गया। साथ ही सेवा-संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्रसिंह चौहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री मोनिका बघेल एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका उपस्थित रहे।


