कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने बालक प्राथमिक विद्यालय झकनावदा का निरीक्षण कर विद्यालय में जनसहयोग से विकसित की गई सुविधाओं एवं शैक्षणिक वातावरण का अवलोकन किया। विद्यालय को बेहतर स्वरूप देने के लिए एकीकृत पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झकनावदा के पूर्व छात्रों द्वारा मिलकर जनसहयोग से किए गए प्रयासों की कलेक्टर ने विशेष सराहना की और इसे जिले के अन्य विद्यालयों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बताया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. भरसट ने विद्यालय के कक्षों, उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर संबंधी सुविधाओं, पेयजल व्यवस्था, पुस्तकालय एवं अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से किसी शासकीय विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना जनभागीदारी का अच्छा उदाहरण है।
विद्यालय को विकसित करने की इस पहल में शिक्षक श्री हेमेन्द्र कुमार जोशी की भूमिका की भी कलेक्टर ने सराहना की। श्री जोशी द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रारंभ किए गए प्रयासों के साथ समय-समय पर पूर्व विद्यार्थियों, ग्रामीणों एवं समाजसेवियों का सहयोग जुड़ता गया। सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की गई हैं।
कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि शासकीय विद्यालयों के विकास में पूर्व विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि झकनावदा में किए गए इस प्रयास को मॉडल के रूप में लेते हुए जिले के प्रत्येक संकुल में कम से कम एक विद्यालय को इसी प्रकार जनसहयोग एवं पूर्व छात्रों की सहभागिता से विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में केवल अधोसंरचना का विकास ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ एवं आकर्षक परिसर, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए पूर्व छात्रों, अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों एवं समाजसेवियों को विद्यालय से जोड़ते हुए जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए।
इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पेटलावद श्रीमती रीतिका पाटीदार एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।


