बालाघाट जिले के छह बच्चों को जन्मजात विकृति के उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज जबलपुर रवाना किया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इन बच्चों का उपचार पूरी तरह निःशुल्क होगा।

आशा कार्यकर्ताओं की मदद से हुई पहचान

ग्रामीण क्षेत्रों में आरबीएसके दलों ने आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से उपचार की जरूरत वाले बच्चों को चिन्हित किया था। यह प्रक्रिया कलेक्टर कुमार सत्यम के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुधन दाहिया के निर्देशन में पूरी की गई।

खास बातें

  • आरबीएसके दलों ने आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से बच्चों को चिन्हित किया
  • बिरसा के पांच और परसवाड़ा के एक बच्चे को जबलपुर भेजा गया
  • भर्ती से लेकर उपचार तक सभी व्यवस्थाएं शासकीय स्तर पर होंगी

बिरसा विकासखंड से मुरकुट्टा के तीन वर्षीय सुरेन्द्र धुर्वे, माटला के आठ वर्षीय सोनार, बिजोरी के दो वर्षीय गिरराज, डाबरी की आठ वर्षीय अमृता और माटला के पांच वर्षीय सागन परते को भेजा गया है। परसवाड़ा विकासखंड के कालीमाटी की 15 वर्षीय दिव्यांशी चौके भी इस समूह में शामिल हैं।

परिवहन और भोजन की भी सरकारी व्यवस्था

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक के दिशा-निर्देशन में बच्चों के जबलपुर पहुंचने, भर्ती होने, भोजन और उपचार की व्यवस्था शासकीय स्तर पर की गई है। डीईआईसी प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती ने इन जरूरी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया है।

अब छहों बच्चों को शासकीय मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कर आगे का उपचार दिया जाएगा। परिजनों को इलाज के साथ परिवहन और खान-पान का खर्च भी नहीं उठाना होगा।