उज्जैन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शहर के छह होटल और रेस्टोरेंट की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था जांची। निरीक्षण में मिली कमियों को दूर कराने के लिए संबंधित खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी किए जा रहे हैं।
इन प्रतिष्ठानों में पहुंची टीम
टीम ने इंदौर रोड स्थित होटल अंजुश्री और होटल मित्तल एवेन्यू का निरीक्षण किया। माधव क्लब रोड स्थित एमपीटी क्षिप्रा रेसीडेंसी और पुलिस कंट्रोल रूम के सामने स्थित इण्डियन कैफे हाउस भी जांच के दायरे में रहे।
खास बातें
- शहर के छह होटल और रेस्टोरेंट का निरीक्षण
- रसोई, भंडारण, पानी और खाद्य हैंडलर्स की फिटनेस की जांच
- तय समय में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई संभव
इसके अलावा माधवनगर के भगवती पार्क स्थित श्री मार्तण्ड होटल और पाकीजा के सामने स्थित बनाना लिफ का निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के निर्देश पर की गई।
रसोई से रिकॉर्ड तक की जांच
निरीक्षण के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, कच्ची खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसके क्रय-विक्रय रिकॉर्ड देखे गए। टीम ने खाद्य पदार्थों के भंडारण, लेबलिंग और किचन की साफ-सफाई की भी जांच की।
खाद्य सामग्री संभालने वाले कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस, पहले आए या पहले समाप्त होने वाले सामान के प्राथमिक उपयोग की FIFO और FEFO व्यवस्था तथा पानी की जांच से जुड़े रिकॉर्ड भी परखे गए। प्रशासन के अनुसार अन्य निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल की गई।
सुधार के लिए तय समय मिलेगा
संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार सूचना पत्र के अनुसार निर्धारित समय में कमियां दूर करनी होंगी। ऐसा नहीं करने पर लाइसेंस निलंबन सहित वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने लोगों से लाइसेंसधारी और स्वच्छ प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री लेने की अपील की है। खाद्य असुरक्षा या मिलावट की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा प्रशासन को दी जा सकती है।



