मुरैना जिले की ग्राम पंचायत गलेथा में बुधवार को एचआईवी से जुड़ी झिझक और भ्रांतियां दूर करने के लिए ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई संगोष्ठी में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं को संक्रमण से बचाव, जांच तथा उपचार की जानकारी दी गई।

यह आयोजन मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देशन में आईसीटीसी सिविल हॉस्पिटल जौरा के सघन जागरूकता अभियान के तहत हुआ। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हुए।

खास बातें

  • आईसीटीसी सिविल हॉस्पिटल जौरा ने आयोजित की संगोष्ठी
  • गर्भवती महिलाओं की समय पर एचआईवी जांच पर जोर
  • आईसीटीसी केंद्रों पर निःशुल्क परामर्श और जांच उपलब्ध

गर्भवती महिलाओं की जांच पर विशेष जोर

मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्राकुंल शर्मा ने स्वास्थ्य टीम को क्षेत्र के नागरिकों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण करने और जरूरत के अनुसार एचआईवी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की जांच पर खास जोर देते हुए बताया कि समय पर संक्रमण की पहचान होने पर एआरटी के माध्यम से उपचार शुरू किया जा सकता है, जिससे मां से बच्चे में संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद मिलती है।

आईसीटीसी काउंसलर संदीप सेंगर ने एचआईवी संक्रमण के कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईसीटीसी केंद्रों पर निःशुल्क परामर्श और जांच की सुविधा उपलब्ध है तथा जरूरत होने पर बिना झिझक जांच करानी चाहिए।

साथ रहने या भोजन करने से नहीं फैलता संक्रमण

खुले संवाद में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने, भोजन करने, पढ़ने, खेलने या सामान्य सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने से संक्रमण नहीं फैलता। ग्रामीणों से संक्रमित व्यक्तियों के साथ भेदभाव न करने और उन्हें सहयोग व सम्मान देने की अपील की गई।

कार्यक्रम में सीएचओ आरती राठौर, काजल जाटव, विकास डांगुर, अरविंद शर्मा, आशीष चतुर्वेदी, चंद्रवीर कुंतल सहित एएनएम, एमपीडब्ल्यू और ग्रामीण उपस्थित रहे। जांच या परामर्श की जरूरत वाले लोग आईसीटीसी केंद्र पर उपलब्ध निःशुल्क सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।